ajadi akhir kyun ..

आज में भारत में बने सारे एक्ट पर अध्ययन कर रहा था मैंने पाया कि 3:30 सौ से ज्यादा एक्ट बने हुए इनमें से अधिकांश था लगभग ढाई सौ से ज्यादा के ऊपर एक्ट 1947 अर्थात भारत के आजाद होने के पहले ही बन गए थे।  अंग्रेजों ने भारत में 1 अट्ठारह सौ 56 से बनाना चालू कर दिया था और इन विभिन्न एक्टों के माध्यम से वह भारत की संस्कृति एवं भारत पर कर का प्रत्यारोपण करना चालू कर दिए थे।   यही वह समय था जब भारत में स्वतंत्रता की लड़ाई भी चालू हो गई थी।  भारत में स्वतंत्रता की लड़ाई आखिर था  क्या  आज भारत की जनता सिर्फ इतना जानती है कि अंग्रेजों ने भारत के बहुत ज्यादा अत्याचार किया।

हर सिक्के के 2 पहलू होते हैं पहला पहलू एक्ट बना उसका दूसरा पहलू यह है कि एक क्यों बना?  इन विभिन्न एक्टों के माध्यम से ही भारत की जनता पर लगातार दबाव डालकर  सामूहिक रूप से उन पर यह एक्ट लागू किया गया इस समय पाकिस्तान भी नहीं बना  था ,  साथी बांग्लादेश एवं अन्य कई सीमाएं भी भारत का हिस्सा ही थी।

हमारे माननीय महात्मा गांधी जी  साउथ अफ्रीका में अध्ययन किए थे जहां पर इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं थी।  जब भारत आए तो उन्हें लगा कि वास्तव में यहां पर घोर अन्याय एवं अत्याचार हो रहे हैं जिसके लिए उन्हें  भारत की जनता को एकजुट करना था।
ऐसे तो उन्होंने अनेक पद मार्च एवं यात्राएं की तथा अनेक आंदोलन भी किए।

वास्तव में यह स्वतंत्रता इन विभिन्न एक्टों से स्वतंत्रता के लिए भारत के लोगों ने आंदोलन किया था।

Popular posts from this blog